Skip to content
Menu
Close
Home
Blog
Poems
About
Contact
Facebook
Instagram
Youtube
Spotify
YOUTUBE
Poems
सफलता का मूल मंत्र
एक पेड़ सौ पुत्र समान
कदम बढाये राहों में
फिसल रहा है समय हाथ से
कल ना होगा कभी यहाँ पर
कोई भी ना भुगते कोविड
कोविड से डरना कैसा
मंत्र सफलता का
नया वर्ष आने वाला है
दिन को रात बना देता हूँ
अपनी तो पहचान यही है
दुनिया का दस्तूर यही है
Posts pagination
1
2
3
…
5
Next »
×
Your browser does not support the video tag.